
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही आम आदमी पार्टी (AAP) में घमासान मच गया है। पार्टी में इस्तीफों और बगावत का दौर शुरू हो गया है। अमृतसर उत्तर (Amritsar North) से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
लगातार दूसरे दिन पार्टी को लगे इन झटकों से पंजाब की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर करते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजह स्पष्ट नहीं की है, लेकिन उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात और अपनी प्राथमिकताओं पर बेबाकी से बात की।
अपने कार्यकाल का ब्योरा देते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी व आप विधायक ने लिखा
लक्ष्य की प्राप्ति: उन्होंने विधायक के रूप में अपना 90% काम पूरा कर लिया है। उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का विवरण अखबारों और उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर उपलब्ध है। राजनीतिक संस्कृति में बदलाव: उन्होंने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि यह बताई कि उन्होंने राजनीति से ‘माई-बाप संस्कृति’ (वीआईपी कल्चर) को खत्म किया और जनता को ही अपनी असली प्रेरणा माना। सड़क-नाली से ऊपर उठने की जरूरत: उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन और ईश्वर के आशीर्वाद से अब केवल फीता काटने या सड़क-नालियों जैसी बुनियादी राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है।
पंजाब के मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरा
कुंवर विजय प्रताप ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अपना अगला रुख साफ किया:
गंभीर चुनौतियों पर ध्यान: पंजाब इस समय नशे, रंगदारी (extortion), गैंगस्टरों के आतंक और भ्रष्टाचार की चपेट में है।
अगला प्लान: उन्होंने कहा कि पंजाब को फिर से एक प्रगतिशील और अग्रणी (lead) राज्य बनाने के लिए हम सभी को मिलकर ठोस और मजबूत प्रयास करने होंगे।
चुनाव से ठीक पहले AAP के लिए बड़ा झटका
पंजाब में 2027 के शुरुआती महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है (हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तारीखों का औपचारिक ऐलान नहीं किया है)। पार्टी द्वारा प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने के तुरंत बाद पहले दो मौजूदा विधायकों ने पार्टी से दूरी बनाई और नाराजगी जताई। अब कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे ने पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है।



