2027 में लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण, क्या भारत में भी छाएगा अंधेरा?

नेशनल सोलर ऑब्ज़र्वेटरी के मुताबिक पूर्ण ग्रहण का रास्ता दुनिया भर में एक पतली रेखा बनाते हुए कई देशों और समुद्रों से होकर गुजरेगा। यह स्पेन के ऊपर से गुजरेगा और जिब्राल्टर के पास से होते हुए मोरक्को और अल्जीरिया पहुंचेगा।

वॉशिंगटन: आज से करीब 300 दिनों के बाद दिन में गुप्पा अंधेरा छा जाएगा। 2 अगस्त 2027 को इस सदी की सबसे अनोखी खगोलीय घटना घटने वाली है और करीब 6 मिनट कर सूरज डूबा रहेगा। 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूरज को 6 मिनट 23 सेकंड तक पूरी तरह से ढक लेगा। यह 1991 के बाद जमीन से दिखाई देने वाला सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और 2114 तक पृथ्वी पर इससे लंबा सूर्य ग्रहण कहीं नहीं दिखेगा।

कहां दिखेगा ये सूर्य ग्रहण?

फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2 अगस्त 2027 को स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में इस सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगेगा। इस दौरान 6 मिनट 23 सेकंड के लिए सूरज पूरी तरह से गायब रहेंगे। वैज्ञानिकों ने बताया है कि ऐसा सूर्य ग्रहण अब 88 वर्षों के बाद ही यानि साल 2114 के बाद ही फिर से दिखाई देगा। इतनी देर तक का सूर्य ग्रहण इससे पहले नहीं लगेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक पूर्ण ग्रहण का रास्ता दक्षिणी स्पेन, जिब्राल्टर और उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई देशों से होकर गुजरेगा। मिस्र का लक्सर शहर पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा यानि यहां पर सबसे ज्यादा देर तक के लिए सूर्य ग्रहण लगा रहेगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान सूर्य का बाहरी वायुमंडल दिखाई देता है जबकि आंशिक चरणों के दौरान सोलर एक्लिप्स ग्लास पहनना जरूरी है।

सूर्य ग्रहण 2027 का रास्ता क्या होगा?

नेशनल सोलर ऑब्ज़र्वेटरी के मुताबिक पूर्ण ग्रहण का रास्ता दुनिया भर में एक पतली रेखा बनाते हुए कई देशों और समुद्रों से होकर गुज़रेगा। यह स्पेन के ऊपर से गुजरेगा और जिब्राल्टर के पास से होते हुए मोरक्को और अल्जीरिया पहुंचेगा।

वहां से यह ट्यूनीशिया और लीबिया से होकर आगे बढ़ेगा जहां बेनगाजी शहर ठीक इस रास्ते के नीचे पड़ेगा। सऊदी अरब, यमन और सोमालिया की ओर बढ़ने से पहले, मिस्र में खासकर लक्सर के पास ग्रहण काफी देर तक दिखाई देगा।

अटलांटिक और हिंद महासागर के कुछ हिस्से भी पूर्ण ग्रहण के दायरे में आएंगे। इस पतली पट्टी के बाहर के कई इलाकों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा लेकिन आसमान में पूरी तरह अंधेरा छाने और नाटकीय बदलाव का नजारा सिर्फ मुख्य रास्ते पर ही देखने को मिलेगा।

ग्रहण देखने के लिए बेहतरीन जगहों पर रहने की जगहों की अभी से बहुत मांग है क्योंकि ग्रहण देखने के शौकीन लोग इस घटना की योजना बना रहे हैं। इस ग्रहण के बाद अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण 22 जुलाई 2028 को होगा जो ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के कुछ हिस्सों से गुजरेगा लेकिन ऐसा ग्रहण नहीं होगा।

क्या भारत में भी दिखेगा 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण?

भारत में ये सूर्य ग्रहण दिखेगा लेकिन इसका प्रभाव आंशिक रहेगा। भारत में पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक ग्रहण होगा और इसे दोपहर के बाद 3 बजकर 50 मिनट के आसपास देखा जा सकेगा। भारत के अलग अलग शहरों में सूर्य ग्रहण को देखा जा सकता है। दक्षिण भारत में इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव थोड़ा और ज्यादा रहेगा जबकि उत्तर भारत जैसे दिल्ली में ये काफी कम दिखेगा।

सूर्य ग्रहण को देखने के लिए बरसें खास सावधानी

सूरज को देखना हमेशा खतरनाक होता है सिवाय उस थोड़े से समय के जब ग्रहण पूरा होता है और चांद सूरज को पूरी तरह ढक लेता है। उस समय से पहले और बाद में आंखों की सही सुरक्षा बहुत जरूरी है। सीधे देखने के लिए खास ग्रहण वाले चश्मे या हाथ में पकड़ने वाले सोलर व्यूअर ही सुरक्षित विकल्प हैं।

आम धूप के चश्मे चाहे वे कितने भी गहरे रंग के हों सुरक्षित नहीं होते हैं और न ही घर पर बनाए गए फिल्टर सुरक्षित होते हैं। सुरक्षा की बातें बार-बार सुनने में आ सकती हैं लेकिन वे जरूरी हैं। पूर्ण ग्रहण लोगों में उत्सुकता जगाता है और वे स्वाभाविक रूप से उसे देखना चाहते हैं। वे कुछ मिनट तो दुर्लभ होते हैं लेकिन आंखों की रोशनी लंबे समय तक रहती है। जब सूरज वापस आता है तो वह अचानक आता है जिससे आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

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