
Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब दौरे के वक्त गुरुद्वारा चरण कंवल साहिब, लुधियाना पहुंचकर माथा टेका. मुख्यमंत्री ने कहा की यहां आकर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को अपने पंजाब दौरे के दौरान ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण कंवल साहिब, माछीवाड़ा, लुधियाना पहुंचकर माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस पवित्र स्थल पर आकर वे स्वयं को अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. यह वही ऐतिहासिक स्थान है जहां दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने आकर कठोर तपस्या की थी और देश व समाज को धर्म, साहस और मानवता की शिक्षा दी थी.
गुरुओं के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र सेवा करनी चाहिए- नायब सिंह
उन्होंने कहा कि गुरुओं ने सदैव समाज और देश की भलाई के लिए संघर्ष किया और महान बलिदान दिए हैं. हमें उनकी शिक्षाओं और उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र सेवा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में गुरु गोविंद सिंह जी के चरण पड़े और उन्होंने यहां रहकर समाज को दिशा दी, ऐसे पावन स्थल को नजदीक से देखने और शीश नवाने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है.
राजनीति के लिए गुरुओं पर बयानबाजी करना है अनुचित
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर गुरुओं ने कुर्बानियां न दी होतीं, तो आज हमारा इतिहास कुछ और ही होता. गुरुओं ने किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि सर्व समाज और पूरे देश के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया. उनकी शिक्षाओं को आत्मसात कर हमें आगे बढ़ना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर उन्हें गुरुओं की पवित्र भूमि पर आने का अवसर मिलता रहा है. एक अन्य प्रश्न पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए गलत बयानबाजी करते हैं, जो बिल्कुल अनुचित है. गुरुओं को लेकर ऐसी भाषा न तो बोलनी चाहिए और न ही सोचनी चाहिए. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा इस प्रकार की बातें करना निंदनीय है.
मुख्यमंत्री ने प्राचीन मुक्तेश्वर शिव मंदिर में करी पूजा अर्चना
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान जसबीर सिंह, हेड ग्रंथी ज्ञानी हरचरण सिंह भी मौजूद रहे. इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्राचीन मुक्तेश्वर शिव मंदिर (मुक्तिधाम) चहिला में जाकर पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया और देशवासियों की समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया.



