
मध्य प्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व का उद्घाटन सोमवार शाम 4 बजे सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा किया जाएगा। इस खास मौके पर एक बाघिन को इस रिजर्व में रिलीज किया जाएगा, जो पन्ना टाइगर रिजर्व से लाकर माधव में छोड़ी जाएगी। यह बाघिन तीन साल की मादा टाइगर है और इस कदम से मध्य प्रदेश में बाघों के संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाया जाएगा। वर्तमान में माधव टाइगर रिजर्व में दो शावक सहित कुल पांच बाघ हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम को वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार करार दिया। उन्होंने माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व में शामिल करने पर खुशी व्यक्त की और इसे राज्य तथा देश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान माना। माधव टाइगर रिजर्व की विशेषता यह है कि यहां एक अंतरराष्ट्रीय महत्व की जल संरचना, रामसर साइट, भी स्थित है। सांख्य सागर (चांदपाठा झील) को 2022 में रामसर साइट के रूप में घोषित किया गया था। इस झील का क्षेत्रफल 248 हेक्टेयर है और यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व के अंदर एक महत्वपूर्ण जल स्रोत के रूप में कार्य करता है।
माधव टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल कुल 1651.38 वर्ग किमी है, जिसमें से 375.28 वर्ग किमी को कोर एरिया और 1276.15 वर्ग किमी को बफर एरिया के रूप में चिन्हित किया गया है। यह रिजर्व 13.5 किमी लंबी और 8 फीट ऊंची दीवार से घिरा हुआ है और शहरी इलाकों के पास स्थित है, जिससे यह और भी खास बनता है। इसके अंदर ऐतिहासिक भवन और पक्षी विहार भी स्थित हैं, जो इस स्थान को और भी आकर्षक बनाते हैं।
मध्य प्रदेश अब वह पहला राज्य बन गया है, जहां 9 टाइगर रिजर्व हैं। इस राज्य में लगभग 750 बाघ रहते हैं, जो बाघों के संरक्षण के मामले में महत्वपूर्ण आंकड़ा है। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां 6 टाइगर रिजर्व हैं। इस कदम से मध्य प्रदेश को एक प्रमुख बाघ संरक्षित क्षेत्र के रूप में पहचान मिलने की संभावना है। माधव टाइगर रिजर्व का उद्घाटन वन्यजीव संरक्षण और बाघों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है, और यह राज्य तथा देश के पर्यावरणीय प्रयासों को और मजबूत करेगा।