
अरब सागर में भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस और पेशेवर दक्षता का लोहा मनवाया है। करीब 48 घंटे तक चले एक बेहद जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने समुद्री लुटेरों के चंगुल से मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ और उस पर सवार 20 ईरानी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया। इस सफल और मानवीय अभियान के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और वायुसेना का तहे दिल से आभार जताया है।
ईरानी दूतावास ने जताया आभार
ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर भारतीय बलों के साहस, समन्वय और त्वरित कार्रवाई की खुलकर सराहना की।
48 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
यह संयुक्त अभियान अरब सागर में करीब 48 घंटे तक चला, जो सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
वायुसेना की सटीक मदद: भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों का सामना करने के लिए भारतीय वायुसेना ने समय रहते सटीक लोकेशन ट्रैक की।
नौसेना का निर्णायक एक्शन: लोकेशन मिलते ही भारतीय नौसेना ने रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की और जहाजों व बोट्स का इस्तेमाल कर लुटेरों के चंगुल से सभी 20 ईरानी नागरिकों और जहाज को सुरक्षित छुड़ा लिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की तारीफ
इस बेहद सफल ऑपरेशन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खुशी जताई और जवानों के जज्बे को सलाम किया।
उन्होंने ‘X’ पर लिखा “भारतीय वायुसेना की समय पर मिली मदद से सटीक लोकेशन का पता लगाकर भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों से चालक दल को सुरक्षित मुक्त कराया गया। यह भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता और पूरे क्षेत्र में समुद्री खतरों से निपटने की निर्णायक क्षमता को दर्शाता है।”
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि हमारे बहादुर जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत के पास लोगों की जान बचाने, समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने का दृढ़ संकल्प और क्षमता है।
क्यों खास है यह ऑपरेशन?
समुद्री सुरक्षा का संदेश: भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि हिंद महासागर और अरब सागर के इलाके में वह सबसे भरोसा देने वाला ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ है।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मजबूती: इस घटना से भारत और ईरान के कूटनीतिक और मानवीय रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे।



