
आशुतोष रांका के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके इंस्टाग्राम पर कई अकाउंट्स, पोस्ट और वीडियो के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया है.
देश में इंस्टाग्राम पर कई अकाउंट्स, पोस्ट और वीडियो के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का मामला गरमाता जा रहा है. पत्रकारों, यूट्यूबर्स और कुछ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आरोप लगा रहे हैं कि सरकारी उन्हीं अकाउंटस् के खिलाफ एक्शन ले रही है जो उसकी आलोचना या राजनीतिक व्यंग्य से जुड़े हैं.
अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके में भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और कहा कि इस तरह के एक्शन से लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ेगा. ये एक्शन वास्तव में वास्तविकता को नहीं दबा सकते हैं जो धरातल पर मौजूद हैं.
कोटा में बीटेक छात्र की हत्या कर जयपुर में छिपे आरोपी, तीनों गिरफ्तार
दिपके ने सेंसरशिप पर उठाए सवाल
दिपके ने सेंसरशिप पर सवाल उठाया और एक्स पर पोस्ट किया. दिपके ने लिखा, ‘इंस्टाग्राम पर की जा रही कार्रवाई काम नहीं करने वाली! सरकार हर रोज हज़ारों पोस्ट और अकाउंट हटा रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि वो एक जरूरी बात को नजरअंदाज कर रही है.’ दिपके ने आगे लिखा कि इंस्टाग्राम तो बस एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां लोग अपने सवाल उठा रहे हैं. इन सवालों के पीछे के असली कारण तो सोशल मीडिया से कहीं बाहर मौजूद हैं.
दिपके ने लिखा, ‘अकाउंट हटा देने से वे सवाल खत्म नहीं हो जाते. उल्टा, इस तरह की सेंसरशिप से उन लोगों के बीच सरकार के प्रति और ज़्यादा अविश्वास पैदा कर सकती है, जिनका सरकार को असल में जवाब देना चाहिए.’
क्या है मामला ?
दरअसल, ये मामला तब शुरू हुआ जब CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक्स पर दावा किया था कि भारत में हजारों इंस्टाग्राम अकाउंट्स को प्रतिबंधित कर दिया गया है और लाखों वीडियो हटा दिए गए हैं. अब मार्क जकरबर्ग भाई का मोदी जी के साथ एक सेल्फी वीडियो ही बाकी रह गया है.
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ‘द देशभक्त’ के संस्थापक आकाश बनर्जी ने भी मेटा पर सरकार के दबाव में विपक्ष के पोस्ट और आलोचनात्मक कंटेंट को दबाने का आरोप लगाया था. वहीं, इस मामले पर मेटा ने साफ किया है कि किसी भी अकाउंट और पोस्ट पर स्थानीय कानूनी नियमों और सरकारी अनुरोधों के अनुरूप ही एक्शन लिया जा रहा है.
मार्च से जुलाई 2026 के बीच बड़ा एक्शन
बता दें कि हाल ही इंस्टाग्राम ने 25 अक्टूबर को ‘खुरपेंच’ नाम के एक गुमनाम अकाउंट को सीमित कर दिया था. इसके लगभग 292,000 फॉलोअर्स हैं. इस एक्शन के पीछे भारत के ‘सूचना प्रौद्योगिकी नियम’ का हवाला दिया गया है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च से जुलाई 2026 के बीच इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब को लगभग 1.95 लाख कंटेंट हटाने के आदेश जारी किए गए थे.



