
महेश्वर में कल यानी 31 मार्च को देवी अहिल्या की जीवनगाथा पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें सीएम मोहन यादव भी शामिल होंगे।
महेश्वर-विश्वमागत्य सभा तथा मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्या देवी होल्कर की त्रिशताब्दी (300वीं जयंती) के अवसर पर एक भव्य नाट्य मंचन “राष्ट्रसमर्था: देवी अहिल्या की पुण्य गाथा” का आयोजन किया जा रहा है। यह नाट्य प्रस्तुति नागपुर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा 31 मार्च को बुढ़ी जिन, महेश्वर में सायं 4:00 बजे मंचित की जाएगी।
आयोजन में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मोहन यादव, विशेष अतिथि धर्मेंद्रसिंह लोधी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), रेखा देवी खंडेलवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष – विश्वमागत्य सभा, दत्तात्रेय जी होसबोले, सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, युवराज यशवंतराव होलकर (द्वितीय), होलकर स्टेट, डॉ. वृषाली जी जोशी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री –विश्वमागत्य सभा मौजूद रहेंगे।
नाटक के माध्यम से लोकमाता अहिल्या देवी होल्कर के जीवन, शासन, न्यायप्रियता और धर्मपरायणता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से लोकमाता के संघर्ष, सामाजिक सुधारों और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को मंच पर जीवंत कर दिखाया जाएगा।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत
यह आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और सुशासन के मूल्यों से परिचित कराने का एक अद्वितीय माध्यम बनेगा ऐसी आशा है। दर्शक लोकमाताअहिल्या के राष्ट्र निर्माण में योगदान को अभिनय के माध्यम से समझे और उनके आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा ले यह इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
महेश्वर की जनता को सीएम से उम्मीदें
बता दें कि नाट्य मंचन राष्ट्रसमर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीएम मोहन यादव महेश्वर आ रहे हैं। महेश्वर दौरे को लेकर जनता एक बार फिर से नई उम्मीदों से भरी हुई है। इस बार जनता को आशा है कि उनकी लंबित मांगों को गंभीरता से लेकर घोषणाएं की जाएगी। पुरुषोत्तम गुप्ता समाजसेवी का कहना है कि लंबे समय से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य अधूरा पड़ा है, जिसके कारण गंदे नालों का पानी सीधे मां नर्मदा में मिल रहा है। समाजसेवी जितेंद्र नेगी कहते हैं कि महेश्वर और मंडलेश्वर के नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग है कि महेश्वर को जिला घोषित किया जाए। राघवेंद्र पुराणिक ने बताया कि महेश्वर के विकास के लिए देवी अहिल्याबाई होलकर कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस परियोजना को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। गोविंद तिवारी एडवोकेट का मानना है कि महेश्वर में पहले भव्य महाशिवरात्रि मेला आयोजित किया जाता था। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि इस मेले को पुनः शुरू किया जाए। श्यामलाल मालवीय वरिष्ठ नागरिक कहते हैं की धामनोद-बड़वाह मार्ग सहित महेश्वर के कई प्रमुख मार्ग बेहद खराब स्थिति में हैं।