
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के साथ विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी बजट पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि बजट पारदर्शी होगा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के साथ विभागीय अधिकारियों की बैठक कर आगामी राज्य बजट पर विस्तार से चर्चा की. इस बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, न्याय व्यवस्था में सुधार और श्रमिकों के कल्याण जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया.
बजट पारदर्शी और जनता की जरूरतों के अनुसार होगा – सीएम रेखा गुप्ता
बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य एक ऐसा बजट तैयार करना है जो पारदर्शी हो, जवाबदेही से भरा हो और जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दे. हमारी सरकार समावेशी विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है.” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार दिल्ली में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, नए रोजगार के अवसर पैदा करने, न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और श्रमिकों के कल्याण के लिए विशेष योजनाएं लाने की दिशा में काम कर रही है.
बुनियादी ढांचे पर रहेगा विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में तेजी से बढ़ती आबादी के कारण आधारभूत ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है. इसलिए, सरकार की प्राथमिकता सड़कों, पुलों, परिवहन, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करना है. दिल्ली के ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए नई सड़कों और फ्लाईओवर के निर्माण पर भी बजट में फोकस किया जाएगा.
रोजगार और श्रमिक कल्याण पर भी होगा ध्यान
सीएम ने कहा कि बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर देगी. बजट में छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं का ऐलान हो सकता है. श्रमिकों के कल्याण के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और स्वास्थ्य बीमा पर भी चर्चा की गई.
न्याय व्यवस्था में सुधार पर होगा फोकस
सीएम के मुताबिक, दिल्ली में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अदालतों में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे पर ध्यान दिया जाएगा. सरकार कानूनी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई योजनाएं लाने की तैयारी कर रही है.
जनता की राय भी होगी अहम
दिल्ली सरकार बजट को जनता की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना चाहती है. इसके लिए आम लोगों, व्यापारियों, श्रमिक संगठनों और सामाजिक संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “हम चाहते हैं कि यह बजट सिर्फ सरकार का न होकर जनता का बजट बने, इसलिए जनता की राय लेना हमारे लिए जरूरी है.”