
Haryana Congress Sacks 5 Leaders: हरियाणा में नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त रहे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
Haryana Congress News: हरियाणा कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए एक पूर्व विधायक सहित पांच नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है. निकाले गए नेताओं में पूर्व विधायक रामबीर सिंह भी शामिल हैं. उनके अलावा विजय कौशिक, राहुल चौधरी, पूजा रानी और रुपेश मलिक पर कार्रवाई की गई है.
हरियाणा कांग्रेस कमेटी ने इसको लेकर एक बयान जारी किया गया है कि विभिन्न स्रोतों से पार्टी के कुछ नेताओं को लेकर जानकारी मिली है कि वे नगर निगम चुनाव को लेकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे. लिहाजा उन्हें छह वर्षों के लिए तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है. निकाले गए सदस्यों में रुपेश मलिक और उनकी पत्नी भी शामिल हैं.
हरियाणा में 2 मार्च को नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर सभी पार्टियों के पास बहुत कम समय बचा है. चुनाव के वक्त पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक पार्टियां कार्रवाई करती रही हैं.

करनाल के पूर्व जिला अध्यक्ष को भी निकाला
एक सप्ताह पहले भी सात नेताओं को पार्टी ने निष्कासित कर दिया था. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उदय भान ने कहा था कि नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. इस दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने की जानकारी मिली है जिस वजह से उनपर कार्रवाई की गई है. पार्टी ने कार्रवाई करते हुए तरलोचन सिंह, अशोक खुराना, प्रदीप चौधरी, मधु चौधरी, राम निवास रारा, हरविंदर और राम किशन सेन को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया है. तरलोचन सिंह करनाल में जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं.
तरलोचन सिंह ने पार्टी से निकाले जाने से पहले ही बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. अशोक खुराना को छोड़कर बाकी नेता कांग्रेस में अहम पदों पर रहे हैं. कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शहरी निकाय चुनाव में अपनी ताकत झोंक दी है और उदय भान प्रचार में जुटे हुए हैं.