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राजस्थान में इंदिरा गांधी को कांग्रेस की दादी कहने वाले बयान पर बीते एक हफ्ते से जारी गतिरोध आज समाप्त हो गया। कांग्रेस विधायकों को मनाने के पीछे सबसे बड़ा हाथ सीएम भजनलाल शर्मा का है। प्रदेश के मुखिया होने के नाते उन्होंने पहले स्पीकर वासुदेव देवनानी और विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के साथ बैठक की जिसके बाद सभी नाराज विधायक मान गए और सदन की कार्यवाही में शामिल भी हुए।
बीजेपी विधायक राज्य के मंत्री अविनाश गहलोत की टिप्पणी को लेकर मचे बवाल को शांत करने के लिए खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आगे आए। उन्होंने सबसे पहले विधानमसभा के स्पीकर वासुदेव देवनानी और नेता विपक्ष टीकाराम जूली के साथ बैठक की। सीएम ने बैठक में मुद्दे को हल किया। इसके बाद गतिरोध समाप्त हो गया। गतिरोध समाप्त होते ही कांग्रेस के विधायक सदन में घुस गए और कार्यवाही में भाग लिया। जूली ने गतिरोध को तोड़ने की पहल करने के लिए शर्मा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से स्पीकर के प्रति उनके व्यवहार और उनके लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों के लिए माफी भी मांगी। शर्मा ने कहा कि इस तरह के गतिरोध लंबे समय तक नहीं रहने चाहिए।
एक हफ्ते पहले 21 फरवरी को राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत प्रश्न का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान गहलोत की जुबान फिसल गई। अविनाश गहलोत ने कांग्रेस नेताओं की ओर मुंह कर कहा कि पार्टी ज्यादातर योजनाओं का नाम ‘आपकी दादी’ के नाम पर रख देती थी। इतना सुनते ही वहां मौजूद सभी कांग्रेस विधायक आगबबूला हो गए। सबने मंत्री से माफी की मांग की। इतना ही नहीं गोविंद सिंह डोटासरा समेत अन्य विधायक विधानसभा सचिव की टेबल के पास पहुंच गए। इस हरकत के बाद 6 कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद तो मामले ने और तूल पकड़ लिया।