
हरियाणा परीक्षा पेपर लीक मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सैनी ने इस मामले में कुल 25 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। जिनमें चार पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और तीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) शामिल हैं।
इसके अलावा दो सरकारी स्कूल निरीक्षकों और 1 प्राइवेट स्कूल निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, बारह व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिनमें चार ऐसे हैं जो उम्मीदवार नहीं थे और आठ छात्र जिन्होंने परीक्षा में भाग लिया था।
बता दें हरियाणा बोर्ड की 12वीं की अंग्रेजी और 10वीं की गणित की परीक्षा के पेपर लीक हुआ था जिसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने ये बडा एक्शन लिया है। 25 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किए जाने के साथ सीएम सैनी ने जिन सरकारी स्कूलों के चार निरीक्षकों और एक निजी संस्थान के निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। गोपाल दत्त, शौकत अली, रकीमुद्दीन और प्रीति रानी जैसे दोषी सरकारी स्कूल निरीक्षकों को तत्काल को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा “सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है, क्योंकि हमारी सरकार इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” बता दें हरियाणा में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है, जिसमें दो घटनाएं एक के बाद एक हुईं। हरियाणा बोर्ड की 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा का पेपर सबसे पहले लीक हुआ, उसके बाद 10वीं की गणित का पेपर लीक हुआ। इन लीक ने न केवल बोर्ड की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है। बता दें हरियाणा के नूंह जिले में 10वीं के गणित के पेपर लीक होने से स्थानीय बोर्ड परीक्षाओं में इस तरह की दूसरी घटना हुई। लीक हुआ परीक्षा पेपर पुन्हाना के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से आया था, जिससे शैक्षणिक संस्थानों के आंतरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह घटना टपकन सेंटर से 12वीं के अंग्रेजी के पेपर लीक होने के तुरंत बाद हुई, जिससे सिस्टम पर भरोसा और कम हुआ। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में अधिकारियों के सामने चुनौतियों में नुह और पलवल में नकल करने वालों की हरकतें भी शामिल हैं। 10वीं के गणित के पेपर के दिन पलवल में नकल की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में सात लोगों को पकड़ा गया।