सरकार का एजेंडा विपक्ष तय नहीं कर सकता : सीएम

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए कहा कि आप ने पिछले एक दशक तक दिल्ली की जनता का शोषण किया। सीएम ने कहा कि आप नेताओं ने जनता को विकास के केवल आश्वासन दिए लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट रही। यही कारण है कि इस विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने आप और कांग्रेस दोनों को नकारते हुए भाजपा को प्रंचड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी दिलाई है। सीएम ने कहा कि विपक्षी दल उनकी सरकार का एजेंडा तय नहीं कर सकता। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार की चुनावी वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

हमें हमारे वादे याद दिलाने की जरूरत नहीं

आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली में नवगठित भाजपा सरकार पर इसको लेकर दबाव बना रही है कि वह महिलाओं को 2,500 रुपए मासिक सहायता देने संबंधी अपनी योजना को लागू करने में तेजी लाए। आप ने पहले विधानसभा सत्र में लगातार इस मुद्दे को उठाया है और कई बार विरोध प्रदर्शन किया है। गुप्ता ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, किसी को हमें यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि कितने दिन बचे हैं। हम अपने एजेंडे के अनुसार काम करेंगे, वे निर्देशित नहीं करेंगे। उन्होंने आगामी विकसित दिल्ली बजट के लिए महिला संगठनों के साथ जारी परामर्श पर प्रकाश डाला और कहा कि चर्चा में स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण सहित विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया है।

हम महिलाओं की परेशानियां समझेंगे

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि बजट से महिलाओं की सभी अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें सरकारी नीतियों में शामिल किया जाए। गुप्ता ने घोषणा की कि अगले तीन दिनों में वह झुग्गी-झोपडियों में जाकर महिलाओं से बातचीत करेंगी और उनकी चिंताओं को समझेंगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, वह युवाओं से भी बातचीत करके उनका दृष्टिकोण जानने की योजना बना रही हैं।

दिल्ली बजट लोगों की उम्मीदों को पूरा करने वाला होगा

उन्होंने भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, आगामी दिल्ली बजट लोगों की उम्मीदों को पूरा करने वाला होगा। इससे पहले बुधवार को आप कार्यकतार्ओं ने दिल्ली भर में पोस्टर लगाए, जिन पर लिखा था, बस तीन दिन और बचे हैं। इसका उद्देश्य आठ मार्च तक महिलाओं को 2,500 रुपए मासिक वित्तीय सहायता देने के वादे को लेकर भाजपा सरकार पर दबाव बनाना था। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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