
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ विधेयक को लेकर चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है.
लोकसभा में वक्फ विधेयक के पास और राज्यसभा में पेश होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है.
सपा चीफ ने लिखा- प्रिय देशवासियों, भाजपा जब भी कोई नया बिल लाती है तो दरअसल वो अपनी नाकामी छुपाती है. भाजपा नोटबंदी, जीएसटी, मंदी, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, भुखमरी, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी समस्याएं सुलझा नहीं पा रही है, इसीलिए ध्यान भटकाने के लिए वक्फ बिल लायी है.
अखिलेश ने कहा कि- वक्फ की ज़मीन से बड़ा मुद्दा वो ज़मीन है जिस पर चीन ने अपने गाँव बसा दिये हैं लेकिन कोई बाहरी ख़तरे पर सवाल-बवाल न करे इसीलिए ये बिल लाया जा रहा है.
उन्होंने लिखा कि सरकार गारंटी दे कि वक्फ की ज़मीन कभी भी किसी भी पैंतरेबाज़ी से किसी और मक़सद के लिए किसी और को नहीं दी जाएगी. वक्फ की वर्तमान व्यवस्था में चाहे 5 साल के धर्म पालन की पाबंदी की बात हो या कलेक्टर से सर्वेक्षण के हस्तक्षेप की बात हो या वक्फ परिषद या बोर्ड में बाहरियों को शामिल करने की बात हो… इन सबका उद्देश्य एक वर्ग विशेष के सांविधानिक अधिकार को छीनकर उनके महत्व और नियंत्रण को कम करना है. ट्रिब्यूनल के निर्णय को अंतिम न मानकर उच्च न्यायालय में लेकर जाने की अनुमति देना दरअसल ज़मीनी विवाद को लंबी न्यायिक प्रक्रिया में फँसाकर वक्फ भूमि पर क़ब्ज़ों को बनाये रखने का रास्ता खोलेगा. क्या दूसरे धर्मों की धार्मिक और चैरिटेबल ज़मीनों और ट्रस्टों में बाहरियों को शामिल करके ऐसी ही व्यवस्था करेगी?
‘न तो नीति सही है, न नीयत’
अखिलेश ने लिखा कि- सबसे बड़ी बात ये है कि वक्फ बिल की पीछे की न तो नीति सही है, न नीयत. ये देश के करोड़ों लोगों से उनके घर-दुकान छीनने की साज़िश है.
यूपी के पूर्व सीएम ने लिखा- भाजपा एक अलोकतांत्रिक पार्टी है, वो असहमति को अपनी शक्ति मानती है. जब देश के अधिकांश राजनीतिक दल वक्फ बिल के ख़िलाफ़ है तो इसे लाने की ज़रूरत क्या है और ज़िद क्यों है.
उन्होंने लिखा- वक्फ बिल को लाना भाजपा का ‘सियासी हठ’ है. वक्फ बिल भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का एक नया रूप है. भाजपा वक्फ बिल लाकर अपने उन समर्थकों का तुष्टीकरण करना चाहती है, जो भाजपा की आर्थिक नीति, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी और चौपट अर्थव्यवस्था से उससे छटक गये हैं. भाजपा की निगाह वक्फ की ज़मीनों पर है. वो इन ज़मीनों का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर इन ज़मीनों को पिछले दरवाज़े से अपने लोगों के हाथों में दे देना चाहती है.
‘मुस्लिम समुदाय को लगे कि…’
अखिलेश ने लिखा- भाजपा चाहती है कि वक्फ बिल लाने से मुस्लिम समुदाय को लगे कि उनके हक़ को मारा जा रहा है, वो उद्वेलित हों और भाजपा को ध्रुवीकरण की राजनीति करने का मौक़ा मिल सके. वक्फ बिल भाजपा की नकारात्मक राजनीति की एक निंदनीय साज़िश है.
उन्होंने कहा कि भाजपावाले मुसलमान भाइयों की वक्फ की ज़मीन चिन्हित करने की बात कर रहे हैं जिससे महाकुंभ में जो हिंदू मारे गये हैं या खो गये हैं उनको चिन्हित करने की बात पर पर्दा पड़ जाए. वक्फ बिल के आने से पूरी दुनिया में एक गलत संदेश भी जाएगा. इससे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को बहुत धक्का लगेगा. वक्फ बिल भाजपा की नफ़रत की राजनीति का एक और अध्याय है. वक्फ बिल भाजपा के लिए वाटरलू साबित होगा.
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