राजस्थान: अब सरकार के कंट्रोल में होंगे कोचिंग सेंटर्स, भजनलाल की सरकार ने लाया बिल, क्या बदलेगा?

 राजस्थान विधानसभा में कोचिंग सेंटर्स को नियंत्रित करने वाला विधेयक पेश किया गया. इसके तहत कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा और निगरानी के लिए समिति बनेगी. राजस्थान विधानसभा में कोचिंग सेंटर्स को लेकर बिल पास किया गया है. इस विधेयक को लेकर डीप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने कहा, “जिस तरह से कोचिंग छात्रों के अभिभावकों द्वारा शिकायत आ रही थीं और जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही थीं, उसको मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंभीरता से लिया है और आज यह बिल स्थापित किया है.”

प्रेमचंद बैरवा ने कहा, “हमारे विद्यार्थी जिन कोचिंग संस्थानों में पढ़ते हैं, उनपर कोई नियंत्रण नहीं था. उन पर नियंत्रण लगाने के लिए राजस्थान कोचिंग सेंटर बिल में हमने जिला स्तर पर कमेटी गठन करने का एक प्रावधान किया है.”

कोचिंग सेंटर्स का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य
इसके अलावा, एक राज्य स्तर कमेटी गठित की गई है, जिसमें इन संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य रखा गया है. अगर कहीं कमियां पाई जाती हैं तो उनमें पहले अंतिम चेतावनी का प्रावधान भी है. वहीं, और बार-बार गलती करने पर उनको बंद करने का प्रावधान भी रखा गया है. सरकार चाहती है कि विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति से उनका पर्सनालिटी डेवलपमेंट अच्छा हो, बौद्धिक विकास हो और वे एक अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें. राजस्थान के डिप्टी सीएम ने बताया कि इसके लिए सरकार ने यह बिल लाने की पूरी कोशिश की है. इसमें जो भी सुझाव होंगे, उन्हें सम्मिलित करते हुए पूर्ण रूप से कानून तैयार किया जाएगा. डिप्टी सीएम ने कहा कि बच्चों के भविष्य के लिए यह बिल तैयार किया जा रहा है, ताकि बच्चे आगे जाकर मानसिक तनाव में न आएं और एक अच्छी शिक्षा प्राप्त करें. 

उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं कि इस पर नियंत्रण लाया जा सके. आगे जो भी सुझाव और कमियां रहेंगी, उनके लिए सबकी राय सम्मिलित करते हुए आगे भी हमने प्रावधान बदले जाएंगे.”

Related Articles

Back to top button