
महिला बाइक रैली में पहुंची सीए रेखा गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को डर के साये में नहीं रहना चहिए क्योंकि डर के आगे जीत है. उन्होंने कहा कि महिला बाइक चालकों ने उन लोगों को गलत साबित कर दिया है जो कहते हैं कि महिलाएं कुछ चीजें नहीं कर सकतीं
महिलाओं को डर के साये में नहीं रहना चाहिए…ये कहना है दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का. रविवार (9 मार्च) को एक कार्यक्रम में पहुंची सीएम गुप्ता ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और पैरालिंपियन सहित सात महिलाओं को सम्मानित किया. इस दौरान दोनों ने ही महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया. इस मौके पर उनके साथ दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना भी मौजूद थे
दरसअल एक अखबार की तरफ से महिला बाइक रैली का आयोजन किया गया था. जिसे सीएम और उपराज्यपाल ने झंडी दिखाकर शुरू किया. कॉनॉट प्लेस में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्रीने महिला बाइक चालकों की जमकर तारीफ की साथ ही उन्हें सशक्तिकरण का प्रतीक बताया. सीएम ने कहा कि इन बाइक चालकों ने उन लोगों को गलत साबित कर दिया है जो कहते हैं कि महिलाएं कुछ चीजें नहीं कर सकतीं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को डर में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि डर के आगे ही जीत है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि जब वो कॉलेज में थीं तो स्कूटर चलाया करती थीं
‘सड़कों पर आत्मनिर्भरता और जोश की नई लहर’
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें शेयर करते हुए खुशी जाहिर की. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा ‘दिल्ली की सड़कों पर आत्मनिर्भरता और जोश की नई लहर! ‘ इसके आगे उन्होंने कहा ‘उपराज्यपाल वी के सक्सेना के साथ ऑल वीमेन बाइक रैली में शामिल होकर राजधानी की जिंदादिली, ऊर्जा और आत्मविश्वास को करीब से महसूस किया. ऐसे उत्साहपूर्ण आयोजन न सिर्फ उमंग और सकारात्मकता को बढ़ाते हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और प्रगति की दिशा में भी मजबूत कदम साबित होते हैं’ . उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों के जोश और उत्साह ने इस आयोजन को और खास बनाया!
‘बाइक रैली महिलाओं के साहस का प्रदर्शन है’
वहीं इस मौके पर उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि बाइक रैली महिलाओं के साहस का प्रदर्शन है. उन्होंने कहा कि भारत में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं. वहीं कुछ क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों से आगे निकल रही हैं. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से कहीं ज्यादा थी