भारत को हल्के में लेने की न करें गलती, इकोनॉमी की लगातार बढ़ रही रफ्तार; ब्रिटेन-जापान से निकला कहीं आगे

Indian Economy: भारत की इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ती जा रही है. साल 2021 में ही भारत ब्रिटेन को पीछे छाेड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन बैठा और यही रफ्तार अब भी बरकरार है. भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. इस बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि कारोबारी साल 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था के स्थिर रहने की उम्मीद है. इन्वेस्टमेंट बैंक ने अनुमान लगाया है कि FY27 में भारत की रियल GDP ग्रोथ 6.8 परसेंट रहेगी, जो FY26 के 7.3 परसेंट से कुछ कम है.

गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि डिमांड को सपोर्ट करने की दिशा में पॉलिसी में एक निर्णायक पॉलिसी बदलाव से ग्रोथ को मजबूती मिलेगी. 2025 में, भारत ने इनकम-टैक्स में राहत दी, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को तर्कसंगत और आसान बनाया, लिक्विडिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया और कंजम्पशन को सपोर्ट करने के लिए RBI ने रेपो रेट में कुल मिलाकर 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की.  

2021 में ब्रिटेन को छोड़ा पीछे 

साल 2021 में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना. तब से लेकर आज तक भारत की रफ्तार बनी हुई है. पिछले 25 सालों में भले ही भारत की ग्रोथ (6.4 परसेंट) चीन (8.0 परसेंट) से कम रही है, लेकिन हाल के सालों में यह ट्रेंड बदल गया है. यही वजह है कि भारत ने पिछले साल जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के मुकाम को हासिल कर लिया. 

दूसरे ब्रोकरेज ने क्या लगाया अनुमान? 

बीते शुक्रवार को SBI म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कारोबारी साल 2026-27 में भारत की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़कर लगभग 11 परसेंट और रियल जीडीपी ग्रोथ करीब 7.2 परसेंट रहने की उम्मीद जताई गई. SBI म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाला समय भारत की इकोनॉमी के लिए बेहतर साबित होगा. सरकार द्वारा किए गए नीतिगत बदलाव और बेहतर व महंगे उत्पादों को खरीदने की लोगों की बढ़ती आदतें हैं.

हालांकि, इस दौरान वैश्विक मंदी और भू-राजनीति इकोनॉमी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं. इंडियन रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने मंगलवार को अनुमान लगाया कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY27) में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.9 परसेंट की बढ़ोतरी होने की संभावना है. हालांकि, यह FY26 के लिए अनुमानित 7.4 परसेंट के ग्रोथ रेट से कम है.

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