‘भारत और चीन के बीच दोस्ती सही विकल्प’, ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच PM मोदी और शी जिनपिंग की मीटिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ समिट में आने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया. शी जिनपिंग ने भी कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और ऐसे में भारत-चीन का साथ आना जरूरी है. तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की समिट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक सीमा पर शांति, व्यापार में सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने इस दौरान सीमा पर शांति, आपसी सहयोग और संबंधों की मजबूती पर जोर दिया.

भारत और चीन का साथ आना जरूरी- शी जिनपिंग

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच सहयोग पूरे मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा. वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और ऐसे में भारत और चीन का साथ आना जरूरी है. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत चीन के साथ आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम मोदी ने 7 साल बाद चीन का दौरा किया. ये सब कुछ ऐसे समय में हो रहा है जब ट्रंप के टैरिफ की वजह से दुनिया में नए गठजोड़ बनकर उभर रहे हैं. यही कारण है कि पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है. वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता तीन शब्दों का इस्तेमाल किया.

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत चीन के साथ आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. ये एक तरह से चीन को ये संकेत देना था कि हम आप पर तभी भरोसा करेंगे, जब आप इन तीनों बातों पर ईमानदारी के साथ खड़े रहेंगे.

सीमा पर शांति और स्थिरता का माहौल- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने वार्ता के दौरान पिछले साल कजान में जिनपिंग के साथ हुई बैठक को याद किया. उन्होंने कहा, “पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई जिसने हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा दी. सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता का माहौल बना है.”

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सीमा प्रबंधन को लेकर विशेष प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ है. उन्होंने संबंधों और शांति के कई मोर्चों पर हुई प्रगति की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच एक समझौता हो गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है. दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू की जा रही हैं.”

जब पीएम मोदी की चीन यात्रा तय हो गई तब से ही ये कयास लगाए जा रहे थे कि बॉर्डर की स्थिति को जब तक बेहतर नहीं किया जाएगा तब तक दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की गुंजाइश नहीं है. वार्ता के दौरान पीएम मोदी के बाद शी जिनपिंग ने भी अच्छे पड़ोसी बनने की बात कही.

‘भारत और चीन के बीच दोस्ती सही विकल्प’

उन्होंने कहा, “हम दोनों अपने लोगों की भलाई में सुधार लाने, विकासशील देशों की एकजुटता और कायाकल्प को बढ़ावा देने, और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाते हैं. दोनों देशों के लिए यह सही विकल्प है कि वे ऐसे मित्र बनें जिनके अच्छे पड़ोसी और सौहार्दपूर्ण संबंध हों. ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में सहायक हों, और ड्रैगन-हाथी एक साथ आएं.”

शी जिनपिंग ने एससीओ समिट में आने के लिए पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा, “भारत और चीन की दोस्ती महत्वपूर्ण है. दुनिया एक बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रही है ऐसे में भारत और चीन का साथ आना जरूरी है.”

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