
जांच में पता चला कि चरस की तस्करी नेपाल और हिमाचल प्रदेश से मार्गों द्वारा की जाती थी, जिसमें स्थानीय तस्कर बिचौलियों की भूमिका निभाते थे।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कई राज्यों में सक्रिय एक नार्को-सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन नेपाली नागरिकों सहित सात प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इस अभियान में 17 किलोग्राम से अधिक चरस (हशीश) जब्त की गई। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 8.75 करोड़ रुपये है। यह सिंडिकेट नेपाल और कसोल (हिमाचल प्रदेश) से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में चरस की सप्लाई करता था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि 20 नवंबर को दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में हशीश की सप्लाई के बारे में एक गुप्त सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम ने दो संदिग्धों प्रेम थापा और मोहम्मद जमील को गिरफ्तार किया। उनके पास से 1.192 किलोग्राम चरस बरामद की। इसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आगे की जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ के बाद अन्य प्रमुख गुर्गों की पहचान और गिरफ्तारी हुई। नेपाली नागरिक गंगा गुरुंग थापा को वजीराबाद में 712 ग्राम चरस के साथ पकड़ा गया।
उसके आवास पर आगे की तलाशी में 13.766 किलोग्राम अतिरिक्त ड्रग बरामद हुई। थापा के खुलासे के आधार पर, पुलिस ने कसोल के नेपाली निवासी अंकित बुद्ध को गिरफ्तार किया, जो सिंडिकेट को ड्रग की आपूर्ति कर रहा था। हरियाणा के एक अन्य आरोपी प्रदीप कुमार को फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में ड्रग उपयोगकर्ताओं को चरस वितरित करने के लिए गिरफ्तार किया गया। इस अभियान में पंजाब के खरड़ से मंजीत की भी गिरफ्तारी हुई। उसे अपनी एसयूवी की स्टेपनी में 1.856 किलोग्राम ड्रग छिपाकर ले जाते हुए पकड़ा गया। वह जयपुर में मोती लाल को यह प्रतिबंधित पदार्थ देने जा रहा था, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले से मामले दर्ज हैं
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि मनजीत और मोती लाल दोनों के खिलाफ पहले भी ड्रग से जुड़े मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला कि चरस की तस्करी नेपाल और हिमाचल प्रदेश से मार्गों द्वारा की जाती थी, जिसमें स्थानीय तस्कर बिचौलियों की भूमिका निभाते थे। आरोपी अंतरराज्यीय ड्रग वितरण में शामिल थे, जो परिवहन के विभिन्न साधनों का उपयोग करके विभिन्न राज्यों में डिलीवरी करते थे। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है।