पानीपत में ग्रामीणों ने रोका मंत्री कृष्ण लाल पवार का काफिला.

सौदापुर में जींद-पानीपत रोड को फोरलेन बनाने की प्रस्तावित योजना के कारण ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं. इसी कारण कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार के काफिले को पानीपत में ग्रामीणों ने रोक दिया.

कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई जब वो अपने विधानसभा क्षेत्र से पानीपत की ओर आ रहे थे. यहां ग्रामीणों ने उनके काफिले को ही रोक दिया. ये मामला पानीपत जिले के सौदापुर में जींद-पानीपत रोड (असंध रोड / राज्य मार्ग 14) को फोरलेन बनाने की प्रस्तावित योजना से जुड़ा है.

ग्रामीणों को आशंका है कि इस योजना के तहत उनकी दुकानों को तोड़ा जा सकता है. हालांकि, मंत्री ने एक्शन पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. 28 फरवरी 2026 को कृष्ण लाल पंवार ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था.

ग्रामीणों ने क्यों रोका काफिला?

सोमवार सुबह अपने विधानसभा क्षेत्र से पानीपत की ओर आ रहे कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार के काफिले को सौदापुर गांव के ग्रामीणों ने रोक लिया. ग्रामीणों ने जींद-पानीपत रोड के चौड़ीकरण के चलते दुकानों और मकानों पर की जा रही निशानदेही तथा उन्हें तोड़ने की कार्रवाई को लेकर मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी. ग्रामीणों की बात सुनने के बाद मंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के आदेश दिए हैं.

मामला क्या है?

दरअसल, सौदापुर गांव पानीपत-जींद रोड पर स्थित है. इस मार्ग पर फोरलेन सड़क प्रस्तावित है, जिसके चौड़ीकरण को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कई दुकानों और मकानों पर निशानदेही की गई थी. इसी सिलसिले में विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर तोड़ने की कार्रवाई करने वाले थे. इसी दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार का काफिला वहां से गुजर रहा था. ग्रामीणों ने काफिले को रुकवाकर मंत्री को अपनी परेशानी से अवगत कराया और दुकानों व मकानों पर की जा रही निशानदेही को लेकर अपनी बात रखी.

मंत्री ने लिया संज्ञान

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए.  मंत्री के आदेश के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर होने की उम्मीद है. फिलहाल ग्रामीणों को राहत मिली है, जबकि सड़क चौड़ीकरण और दुकानों-मकानों पर की गई निशानदेही को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी

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