
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तमाम कोशिशें हो रही हैं और साथ ही ईवी चार्जिंग स्टेशंस की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दरअसल, दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में कई घोषणाएं की हैं। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा तो देगी ही, साथ ही दूसरे राज्यों के वाहनों के लिए पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण) प्रमाण पत्र जारी करने की नई नीति लाएगी। दिल्ली सरकार की कोशिश है कि राष्ट्रीय राजधानी में साल 2026 तक 48,000 ईवी चार्जिंग पॉइंट्स लग जाएंगे। सरकार ई-कचरे के लिए एक ईको-पार्क भी बनाएगी।
सीएनजी की रिपोर्ट के बाद एक्शन में सरकार
दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने विधानसभा में बताया कि सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नई योजनाएं बना रही है। यह फैसला सीएजी (नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट के बाद लिया गया है। दरअसल, सीएजी की रिपोर्ट में दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम में कुछ कमियां बताई गई थीं। इस रिपोर्ट को ‘दिल्ली में वाहनों से होने वाला वायु प्रदूषण’ हेडलाइन से पेश किया गया था।
सरकार और निजी प्रयासों से
ऐसे में दिल्ली सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश में लगी है। सीएम रेखा गुप्ता का कहना है कि अगले साल तक दिल्ली में 48,000 चार्जिंग पॉइंट होंगे। इनमें से 18,000 सरकार द्वारा चलाए जाएंगे। बाकी 30,000 अर्ध-सरकारी होंगे। सरकार जल्द ही एक नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति भी लाएगी, जिससे दिल्ली में ईवी का इस्तेमाल बढ़ेगा।
नया ईको पार्क बनेगा
आपको बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बहुत बड़ी है। ऐसे में प्रदूषण की निगरानी को और बेहतर बनाने वास्ते 6 नए एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने ई-कचरे के लिए एक इको-पार्क बनाने की योजना भी बताई। इस पार्क में ई-कचरे को सही तरीके से प्रोसेस किया जाएगा, जिससे ई-वेस्ट से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सकेगा।
सार्वजनिक परिवहन को सुधारने के लिए बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सीएम गुप्ता ने कहा कि इस साल के अंत तक 5,500 बसें होंगी। 2026 तक सड़कों पर 11,000 बसें होंगी। बसों के रूट को भी दोबारा से तय किया जाएगा, जिससे लोगों को और आसानी होगी। सरकार के इन कदमों से दिल्ली में प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से पेट्रोल और डीजल वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम होगा।