ट्रंप के ‘राइट हैंड’ सर्जियो गोर भारत पहुंचे, 12 जनवरी से संभालेंगे दूतावास की कमान, जानें उनके बारे में सबकुछ

Sergio Gor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है. गोर ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं. अमेरिका में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है. 22 अगस्त 2025 को ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी. इस नियुक्ति के साथ ही सर्जियो गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका का विशेष दूत भी बनाया गया है.

अमेरिकी सीनेट से अक्टूबर 2025 में मंजूरी मिलने और 11 नवंबर को शपथ लेने के बाद सर्जियो गोर अब भारत में कार्यभार संभालने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. वह 12 जनवरी को औपचारिक रूप से भारत में अमेरिकी राजदूत का पद ग्रहण करेंगे. भारत पहुंचने के बाद सर्जियो गोर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा, ‘भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. हमारे दोनों देशों के लिए आगे अविश्वसनीय अवसर हैं.’

पहले भी आ चुके हैं भारत

इससे पहले अक्टूबर 2025 में सर्जियो गोर भारत आए थे. उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद गोर ने लिखा था, ‘प्रधानमंत्री मोदी से मिलना सम्मान की बात है. आने वाले महीनों में भारत के साथ हमारा रिश्ता और मजबूत होगा.’

कौन हैं सर्जियो गोर?

सर्जियो गोर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है. भारत में राजदूत बनने से पहले वह ट्रंप प्रशासन में हेड ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल अपॉइंटमेंट्स के पद पर कार्यरत थे. अमेरिका में उन्हें ट्रंप का दाहिना हाथ कहा जाता है. जब ट्रंप ने गोर की नियुक्ति की घोषणा की थी, तब उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था, “सर्जियो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. वह कई सालों से मेरे साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने मेरे ऐतिहासिक चुनाव अभियान में काम किया है और मेरी सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबें प्रकाशित की हैं. दक्षिण और मध्य एशिया के लिए मुझे ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जिस पर मैं पूरा भरोसा कर सकूं और जो मेरे एजेंडे को आगे बढ़ा सके. सर्जियो गोर एक बेहतरीन राजदूत साबित होंगे.’

जन्म, शिक्षा और अनुभव

39 वर्षीय सर्जियो गोर का जन्म साल 1986 में उज्बेकिस्तान में हुआ था. 1999 में उनका परिवार अमेरिका चला गया. उन्होंने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की है. गोर ने अमेरिकी राजनीति में लंबा अनुभव हासिल किया है. वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी सीनेट और कई राष्ट्रपति चुनाव अभियानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

ट्रेड डील के बीच अहम जिम्मेदारी

सर्जियो गोर ऐसे समय में भारत में कार्यभार संभाल रहे हैं, जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत जारी है. इस ट्रेड डील पर पूरी दुनिया की नजर है. हालांकि बातचीत फरवरी 2025 से ही शुरू हो गई थी, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है. अमेरिका की ओर से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगाया जा चुका है. दोनों देशों के प्रतिनिधि इस समझौते को जल्द पूरा करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसे में ट्रंप के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले राजदूत के भारत आने से उम्मीद की जा रही है कि ट्रेड डील पर बातचीत में तेजी आ सकती है.

ट्रंप के भारत दौरे पर भी नजर

राजदूत गोर के भारत आने के बाद अब सबकी नजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर भी है. अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप अब तक भारत नहीं आए हैं. भारत को साल 2025 में क्वाड (QUAD) सम्मेलन की मेजबानी करनी थी, जो अब तक नहीं हो सका है. ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप के अगले भारत दौरे में सर्जियो गोर की भूमिका काफी अहम हो सकती है.

वीजा समस्या पर भी उम्मीद

भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा एक बड़ा मुद्दा रहा है. फिलहाल वीजा अपॉइंटमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर इस वीजा वेटिंग समय को कम कराने के लिए कोई ठोस पहल कर सकते हैं. सर्जियो गोर पर भारत अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी. साथ ही दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने का भी दायित्व रहेगा.


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