
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में सरकार के 8 साल पूरे होने पर एएनआई को इंटरव्यू दिया है. इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने संभल लेकर लेकर मुसलमानों की सुरक्षा, औरंगजेब-बाबर विवाद समेत कई मुद्दों का खुलकर जवाब दिया. यही नहीं बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर किए गए सवाल भी जवाब दिया. सीएम ने साफ कहा कि जो जिस भाषा में समझता है उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए
सीएम योगी ने बुलडोजर एक्शन पर दिया जवाब
एएनआई ने सवाल किया किया कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर एक्शन पर कोर्ट ने टिप्पणी की है. इसका जवाब देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, जो न्याय मानते होंगे, उनके लिए न्याय होता है. जो स्वयं न्याय को, कानून को अपने हाथों में लेते हैं, तो बहुत बार कानून के दायरे में रहकर उनको सबक भी सिखाया जाता है, जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. कोई हिंसक बनकर प्रहार करने आ जाए हमारे सामने, और हम उसके सामने गिड़गिड़ाएं, ये नहीं होगा. अगर वो हिंसक बनकर आया है तो पहले उसकी हिंसा का प्रतिकार तो करना होगा ना”
‘बुलडोजर मॉडल’ बना नजीर
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में माफिया-अपराधियों के अवैध निर्माणों पर बाबा बुलडोजर खूब गरजा है. मुख्यमंत्री योगी के बुलडोजर मॉडल की चर्चा देशभर में होती है. यूपी के बाद कई अन्य राज्यों में भी बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बाबा बुल्डोजर की संज्ञा दी जाती है. बुलडोजर को अपराधियों पर लगाम लगाने से लेकर कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रभावी हथियार बनाया गया. इस मॉडल को भी योगी सरकार के 2022 में सत्ता में वापसी का प्रमुख कारण माना जाता है
सुप्रीम कोर्ट ने उठाए थे बुलडोजर एक्शन पर सवाल
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की ओर से बुलडोजर एक्शन को लेकर लगाम लगाई थी. सु्प्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए साफ कहा कि राज्य सरकारों को बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना बुलडोजर नहीं चला सकते हैं. लगाम के बाद से इस मामले में कुछ कमी दिखी है, लेकिन अवैध अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी है