
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ग्रेटर नोएडा में एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली दो अवैध लैब का भंडाफोड़ किया है। एनसीबी के ‘ऑपरेशन क्रिस्टल हंट’ (Operation Crystal Hunt) के तहत गौतम बुद्ध नगर जिले के जहांनाबाद कादलपुर गांव में किराये के मकानों पर चल रही इन लैबों पर 16 अक्टूबर को छापेमारी की गई।
एजेंसी ने मौके से 379 किलो से ज्यादा एम्फेटामाइन और 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन ड्रग्स जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इस बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
लैब से भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल और उपकरण बरामद
NCB की जांच में खुलासा हुआ है कि इन दोनों जगहों पर सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने और प्रोसेसिंग का अवैध धंधा चल रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में निम्नलिखित सामग्रियां बरामद कीं:
- खतरनाक केमिकल: हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट।
- लैब उपकरण: बड़े हीटिंग उपकरण, कांच के बर्तन, केमिकल ड्रम, फिल्टर और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य मशीनें।
एजेंसी के मुताबिक, जब्त किए गए पदार्थों से करीब 56 किलो तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनाई जा सकती थी।
फर्जी पासपोर्ट वाला विदेशी नागरिक और मिजोरम की महिला गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में NCB ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- डेस्टिनी अब्राहम डुंबिरी: आरोपी ने खुद को नाइजीरियाई नागरिक बताया था, लेकिन इमिग्रेशन रिकॉर्ड से सनसनीखेज खुलासा हुआ कि वह जनवरी 2020 में फ्रांसिस कालोकोह नाम से सिएरा लियोन के नागरिक के तौर पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। वीजा की अवधि दिसंबर 2020 में ही समाप्त हो चुकी थी। NCB उसकी असली पहचान खंगाल रही है।
- लल्लावमजुआली उर्फ ओलिविया लालचविमावी: मिजोरम की रहने वाली इस महिला को मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर 313 ग्राम हेरोइन के साथ DRI ने गिरफ्तार किया था, और फिलहाल वह जमानत पर बाहर थी।
मैक्सिको के कुख्यात ड्रग्स कार्टेल से भी जुड़े हैं तार?
आपको बता दें कि इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी एनसीबी ने गौतम बुद्ध नगर के कासना इंडस्ट्रियल एरिया में एक अवैध सिंथेटिक ड्रग्स लैब पकड़ी थी, जहां से 95.5 किलो ड्रग्स बरामद हुई थी। उस मामले में मैक्सिको के कुख्यात ड्रग्स कार्टेल ‘कार्टेल डी जलिस्को न्यू जनरेशन‘ (CJNG) से संदिग्ध कनेक्शन सामने आए थे और एक मैक्सिकन नागरिक समेत 5 लोग गिरफ्तार हुए थे।
आगे की जांच जारी
NCB अब इस नए सिंडिकेट के फाइनेंसरों, केमिकल सप्लाई करने वाले सप्लायर्स, तकनीकी एक्सपर्ट्स और देश-विदेश में फैले उनके पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। एजेंसी का मानना है कि इस रैकेट के तार कई अन्य राज्यों और विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं।


