
राजस्थान में पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा घोटाला सामने आया है. राजस्थान के किसानों की हिस्सा राशि दूसरे प्रदेश के किसानों को ट्रांसफर की जा रही है. यह घोटाला मारवाड़ के पाली जिले के देसूरी में सामने आया है. यहां के किसानों के हिस्से के करीब एक करोड़ 51 लाख 24 हजार रुपये पश्चिम बंगाल और बिहार के लोगों के खाते ट्रांसफर कर दिए गए. घोटाले की भनक लगते ही अधिकारियों के होश उड़ गए. अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है.
पुलिस के अनुसार देसूरी में यह घोटाला वर्ष 2019 और 2020 में हुआ है. इस संबंध में देसूरी तहसीलदार हरेन्द्र सिंह चौहान ने केस दर्ज कराया है. चौहान की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में 4793 खातों में लगभग एक करोड़ 51 लाख 24 हजार रुपये ट्रांसफर हुए हैं. ये राशि बाहर के खातों में गई है. यह कैसे हुआ इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है. देसूरी पुलिस ने केस दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है.
लगभग 32 हजार फर्जी ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए
तहसीलदार चौहान ने बताया कि पीएम किसान आईडी पर वार्षिक भौतिक सत्यापन के दौरान लगभग 32 हजार फर्जी ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए. संदेहास्पद प्रतीत होने पर इन आवेदनों का दिसंबर 2020 में अवलोकन कराया गया. उनमें ज्यादातर आवेदन पश्चिम बंगाल और बिहार के थे. ये किसान देसूरी तहसील क्षेत्र के बाहर के हैं और उनके खाते भी बाहर के हैं
रानी और मारवाड़ जंक्शन में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं
संदेहास्पद स्थिति पाए जाने पर सभी प्रकरणों का पटवारी से भौतिक सत्यापन कराया गया. इसमें से लगभग 20 हजार अपात्र किसानों को जनवरी 2021 में अपात्र घोषित कर दिया गया. ये खाते सीएससी/सेल्फ रजिस्ट्रेशन के बाद फर्जी तरीके से स्वप्रमाणित किए हुए लग रहे थे. किसान सम्मान निधि की राशि का हस्तांतरण अपात्र किसानों के खाते में हुआ. इसमें राजकीय राशि का दुरुपयोग हुआ है. इससे पहले पाली के रानी और मारवाड़ जंक्शन में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं.