इन्वेस्टर इंटरफेस का मोबाइल एप लॉन्च, दिसंबर में राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव, यह बोले CM

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट ने विश्वभर के निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन किए गए। हम 5 वर्षों में 10 लाख रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे। 

राजधानी जयपुर में सोमवार को एक पांच सितारा होटल में निवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा-  राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हस्ताक्षरित हुए निवेश प्रस्तावों में से 3 लाख करोड़ रूपये के एमओयू की आज ग्राउण्ड ब्रेकिंग की गई है। आज का निवेश उत्सव एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन इम्पैक्ट 1.0 (इम्पैक्ट वन प्वाइंट ओ) पर केंद्रित है, जो राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत किए गए एमओयू को धरातल पर उतारने के हमारे प्रयासों को दर्शाता है। राज्य सरकार ने इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए त्रिस्तरीय रिव्यू मेकैनिज्म बनाया है। हर विभाग और जिले में डेडिकेटेड टीम बनाई जो इन एमओयू की सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है, ताकि निवेश का हर प्रस्ताव समय पर कार्यान्वित हो सके। इस सतत पर्यवेक्षण का ही परिणाम है कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए एमओयू में से 3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो रही है। कार्यक्रम में इस संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रीको औद्योगिक क्षेत्रों के लिए डायरेक्ट लैंड एलॉटमेंट पॉलिसी लॉन्च की जिसमें उन सभी एमओयू धारकों को शामिल किया गया जिन्होंने राइजिंग राजस्थान के तहत सरकार के साथ 15 मार्च तक एमओयू निष्पादित किए। निवेशकों के उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष आवंटन नीति 16 मार्च से 30 अप्रैल तक निष्पादित होने वाले सभी नए एमओयू पर भी लागू किए जाने की घोषणा की। ये एमओयू धारक अगले आवेदन प्रक्रिया के दौर में इस नीति का लाभ उठा सकेंगे, जो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा और 15 मई से सभी के लिए पुनः खोला जाएगा।

10 लाख रोजगार के अवसर होंगे सृजित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट ने विश्वभर के निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन किए गए। यह निवेशकों का हमारे राज्य के प्रति अपार विश्वास होने के साथ-साथ हमारे प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में अनुकूल औद्योगिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कृतसंकल्पित है। हमने उद्योगों की मांग को देखते हुए डेढ़ लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। हम 5 वर्षों में सरकारी क्षेत्र में 4 लाख और निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे। 

18 नए औद्योगिक क्षेत्रों की होगी स्थापना
शर्मा ने कहा कि सरकार 18 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने जा रही है। इन नए औद्योगिक क्षेत्रों को अलग-अलग सेक्टर्स की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है, ताकि हमारा प्रदेश मैन्यूफैक्चरिंग का पावरहाउस बन सके। साथ ही, यहां सौर एवं पवन ऊर्जा की प्रचुरता ने भी पूरी दुनिया के निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन के गुवाहाटी, भुवनेश्वर, रांची, पुणे, दिल्ली, दुबई, म्यूनिख, रियाद, टोक्यो, सिंगापुर, मेलबर्न, नैरोबी, कम्पाला और दोहा में 14 नए चैप्टर्स खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए हमारी सरकार इस साल 11 और 12 दिसंबर को दो दिवसीय राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन भी करेगी। 

राजस्थान लॉजिस्टिक नीति-2025, राजस्थान डाटा सेंटर नीति-2025 और राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति-2025 का विमोचन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन इन्वेस्टर इंटरफेस का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जिससे संबंधित निवेशक मोबाइल पर ही अपने-अपने प्रस्तावों के क्रियान्वयन की प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे, अपने सवालों का जवाब पा सकेंगे और अधिकारियों से और भी आसानी से जुड़ सकेंगे। साथ ही, उन्होंने राजस्थान लॉजिस्टिक नीति-2025, राजस्थान डाटा सेंटर नीति-2025 और राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति-2025 का भी विमोचन किया। ये नीतियां उद्योगों के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करेंगी और राजस्थान को निवेश का सबसे पसंदीदा स्थान बनाएंगी।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025 का बटन दबाकर लोगो अनावरण किया और कॉन्क्लेव की आधिकारिक घोषणा की।

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